केकड़ी में खुलेगा कृषि महाविद्यालय

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राजस्थान राज्य कृषि बजट 2022-23 पर जिला स्तरीय आमुखीकरण कार्यशाला आयोजित

अजमेर, 20 जून। राजस्थान राज्य कृषि बजट 2022-23 पर जिला स्तरीय आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला कलक्टर अंशदीप की अध्यक्षता में रीट कार्यालय में किया गया। इस कार्यशाला में 9 विभागों  से संबंधित अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को बजट में शामिल की गई विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बजट घोषणाओं के अनुसार केकड़ी में जिले के कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी।

जिला कलक्टर अंशदीप ने कहा कि यह राज्य सरकार का प्रथम कृषि बजट है। इस बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘समृद्ध किसान-खुशहाल राजस्थान‘ की सोच के साथ किसानों के लिए अलग से कृषि बजट पेश किया है। सभी विभाग बजट घोषणाओं को सुनिश्चित करें। कोई भी किसान राज्य सरकार द्वारा कृषि से संबंधित शुरू की गई योजनाओं से वंचित नहीं रहे। ये योजनाएं प्रत्येक किसान के लिए फायदेमंद हैं।

     बैठक में कृषि विभाग के समेती आत्मा योजना निदेशक मधुसूदन शर्मा ने जानकारी दी कि कृषि बजट में कृषक कल्याण कोष की राशि 2000 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 5000 करोड़ रूपए की गई है। मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत कृषि क्षेत्र की योजनाओं को अधिक प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए 11 मिशन क्रियान्वित किए जा रहे हैं। इसके तहत राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन पर 2700 करोड़ रूपए, राजस्थान जैविक खेती मिशन पर 600 करोड़ रूपए, राजस्थान बीज उत्पादन एवं वितरण मिशन पर 117 करोड़ रूपए, राजस्थान मिलेट्स प्रोत्साहन मिशन पर 100 करोड़ रूपए, राजस्थान संरक्षित खेती मिशन पर 400 करोड़ रूपए, राजस्थान उद्यानिकी विकास मिशन पर 100 करोड़ रूपए, राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन पर 100 करोड़ रूपए, राजस्थान भूमि उर्वरकता मिशन पर 25 करोड़ रूपए, राजस्थान कृषि श्रमिक सम्बल मिशन पर 400 करोड़ रूपए एवं राजस्थान खाद्य प्रसंस्करण मिशन पर 358 करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे हैं।

     उन्होंने बताया कि राजस्थान सूक्ष्म सिंचाई मिशन के तहत 45 हजार फार्म पौण्ड निर्माण व 15 हजार डिग्गी निर्माण कराए जाएंगे। इसी तरह 100 करोड़ की लागत से 20 हजार किमी सिंचाई पाईप लाइन बिछाई जाएगी। ड्रिप व फव्वारा सिंचाई के लिए 1705 करोड़ का प्रावधान कर 4 लाख किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। योजना में 300 सामुदायिक जल स्त्रोतों के लिए 60 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा। सभी संभागीय मुख्यालयों पर सेंटर ऑफ एक्जीलेंस फॉर माइक्रो इरीगेशन की स्थापना की जाएगी।

     राजस्थान जैविक खेती मिशन के तहत 6 लाख कृषकों को 3 लाख 80 हजार हैक्टेयर में जैविक बीज, जैव उर्वरक एवं कीटनाशी वितरण होगा। सभी संभाग में प्रमाणीकरण लैब एवं जैविक उत्पाद बोर्ड का गठन होगा।

     उन्होंने बताया कि राजस्थान बीज उत्पादन एवं वितरण मिशन के तहत 50 हजार कृषकों के लिए बीज स्वावलम्बन योजना लागू की गई है। 12 लाख लघु तथा सीमांत कृषकों को बीज मिनिकिट वितरण होगा। योजना में 3 लाख पशुपालकों को हरा चारा, बीज मिनिकिट वितरण होगा। इसी तरह अन्य योजनाओं में भी कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा।

     कार्यक्रम में नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लाम्बा ने ऑनलाईन योजनाओं के माध्यम से कार्य होने तथा बीज वितरण के बारे में जानकारी ली। जिला परिषद के सीईओ मुरारी लाल वर्मा ने पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की कृषि बजट से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद जितेन्द्र सिंह शक्तावत उपनिदेशक कृषि (विस्तार) ने जिले से सम्बन्धित बजट घोषणाओं तथा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं प्रगति के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में श्रीनगर प्रधान कमलेश गुर्जर, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक प्रफुल माथुर, कुषि विपणन के उपनिदेशक बाल किशन शर्मा, सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक की उपरजिस्ट्रार अभिलाषा, उपनिदेशक आत्मा बी.पी. पारीक, सहायक निदेशक उद्यान के पी. सिंह, सहायक निदेशक सांख्यिकी आरती यादव, सहायक निदेशक कृषि पी.सी. वर्मा, सहायक निदेशक कृषि केकड़ी हेमराज मीणा तथा कृषि व सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

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