मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान 2.0जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

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मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान 2.0
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
अजमेर, 26 फरवरी। मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर डाॅ. भारती दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ललित गोयल ने अभियान के विभिन्न पक्षों से अवगत कराया।
जिला कलक्टर डाॅ. भारती दीक्षित ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2023-24 में चयनित ग्रामों में सम्पादन अवधि वर्ष 2023-25, द्वितीय चरण में वर्ष 2024-25 में चयनित ग्रामों में सम्पादन अवधि वर्ष 2024-26, तृतीय चरण में वर्ष 2025-26 में चयनित ग्रामों में सम्पादन अवधि वर्ष 2025-27 तथा चतुर्थ चरण में वर्ष 2026-27 में चयनित ग्रामों में सम्पादन अवधि वर्ष 2026-28 तय की गई है। प्रथम चरण का कार्यक्षेत्रा अजमेर जिले की समस्त 11 पंचायत समितियों के अन्तर्गत 5000 से 8000 हैक्टर तक की चयनित जलग्रहण परियोजना को रखा गया है। प्रथम चरण में कुल क्षेत्राफल 76493 हैक्टेयर है। चयनित ग्राम पंचायते 64 है। चयनित ग्राम की संख्या 134 है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के उद्देश्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए है। इनमें जल संग्रहण एवं सरंक्षण ढांचो का निर्माण, परम्परागत पेयजल एवं जल स्त्रोतों को पुर्नजीवित करना, गांव में पीने के पानी की कमी को दूर करना, भू-जल स्तर में वृद्धि करना एवं गिरते भू-जल के स्तर को रोकना, वर्षा जल संग्रहण एवं संरक्षण कर सिंचित एवं कृषि योग्य क्षेत्राफल को बढाना, जल एंव मृदा संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा सघन वृक्षारोपण कर हरित क्षेत्रा को बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि योजना के सुचारू क्रियान्वयन एवं प्रभावी माॅनिटरिंग के लिए राज्य, जिला, ब्लाॅक एवं ग्राम पंचायत स्तरीय कमेटियां गठित की गई है। योजना का प्रशासनिक विभाग ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग होगा। नोडल विभाग जलग्रहण विकास एवं भू-सरंक्षण विभाग है। आईईसी गतिधियों के लिए नेाडल अधिकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद के नियुक्त किया गया है। जन सहभागिता एवं सीएसआर के लिए उद्योग विभाग को जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने बताया कियोजना के अन्तर्गत विभिन्न कार्य किए जाएंगे। जल ग्रहण क्षेत्रा के उपचार जैसे सीसीटी, डीप सीसीटी स्टैªगर्ड टेंच, फार्म पौण्ड, मिनी परकोलेशन टेंक, परकोलेशन टेंक, अरथन चेक डेम खडीन इत्यादि, टांका निर्माण, वाटर हावेस्टिंग स्ट्रक्चर, लूज स्टोन चैक डेम, पीआरटी डिग्गी, जलहौज खेत तलाई, संकन पौण्ड, तालाब आदि, नाला उपचार (डेªनेज लाईन ट्रीटमेन्ट) जैसे श्रृंखलाबद्ध छोटे-छोटे एनीकट, मिट्टी एवं सीमेन्ट के चैकडेम, पराकोलेशन टेंक, मिनी परकोलेशन टेंक (एमपीटी), माइक्रो स्टोरेज टेंक, सब सरफेस बेरियर, पक्के एनीकट, मोईक्रो स्टोर टेंक इत्यादि, लघु, बड़ी एवं मध्यम सिचंाई परियोजना की मरम्मत, नवीनीकरण एवं सृदुढ़ीकरण कार्य, सिंचाई क्षमताओं का अधिकतम उपयोग करने के लिए नहरों, धौरों एवं वाटर कोर्स एवं फील्ड चैनल आदि के निर्माण एवं मरम्मत के कार्य एवं जल स्त्रोतों एवं संरचनाओं को नालों से जोड़ने का कार्य, नहर से सिंचाई के लिए फील्ड चैनल निर्माण एवं मरम्मत मिनी इरिगेशन टेंक आदि कार्य करवाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जल संग्रहण ढांचों की क्षमता बढ़ाना मरम्मत एवं पुररूद्धार एवं जीर्णोद्वार एवं कायाकल्प कर क्रियाशील करना, पेयजल स्त्रोतों को सृदुढ़ीकरण करना, सार्वजनिक कुओं की मरम्मत एवं पुनरूद्धार एवं कुंए एवं ट्यूबवैल एवं हैण्डपम्प तथा कृत्रिम भू-जल पुर्नभरण संरचनाओं के पुर्नजलभरण का कार्य रेन वाटर रूप टाॅप हावेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण भूजल रिचार्ज शाफ्ट एवं बावड़ी आदि तथा चारागाह विकास एवं वृक्षारोपण एवं उद्यानिकी। भू-जल स्तर नापने के लिए पीजो मीटर स्थापित करने के कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि समस्त कार्य निर्धारित समयावधि में किए जाए। मुख्यमंत्राी जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 मार्गदर्शिका में प्रदत निर्देशों के क्रम में जिले की जिन 7 पंचायत समितियों (अंराई, भिनाय, केकड़ी किशनगढ़ मसूदा, पीसांगन, सरवाड़) में प्रधानमंत्राी कृषि सिंचाई योजना 2.0 (जलग्रहण विकास घटक) की परियोजनाए स्वीकृत हैं उन क्षेत्रों का ही चयन किया है शेष 4 पंचायत समितियों (अजमेर ग्रामीण, श्रीनगर, सावर, जवाजा) में मार्गदर्शिकानुसार प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्रों का चयन किया गया है।
इस अवसर पर उप वन संरक्षक, जल ग्रहण विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री आई. सी. खण्डेलवाल, अधिशाषी अभियन्ता श्री दिलीप जादवानी, श्री कपिल भार्गव, श्री सन्दीप पाण्डे, श्री संजय जैन, सहायक अभियन्ता श्री शलभ टण्डन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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