राजस्थान के सांचौर में एक मौलवी पर अफगानिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-एक-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से संबंध रखने का आरोप लगाया गया है। एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने इस मामले में मौलवी ओसामा उर्फ उसामा उमर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले चार वर्षों से संगठन के शीर्ष कमांडरों के संपर्क में था।
गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने 31 अक्टूबर को चार जिलों में छापेमारी की, जिसमें पांच संदिग्धों को पकड़ा गया। इनमें से तीन संदिग्ध बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं, जिनमें दो सगे भाई शामिल हैं। एटीएस ने बताया कि इन भाइयों में से एक सांचौर के मदरसे में पढ़ाई कर रहा है, जबकि दूसरा जोधपुर के पीपाड़ मदरसे में पढ़ता है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, ओसामा इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से आतंकवादी कमांडरों से संपर्क करता था। एटीएस का कहना है कि इस संबंध में किसी प्रकार की फंडिंग का पता नहीं चला है। हालांकि, जांच में यह सामने आया है कि ओसामा अन्य संदिग्धों पर टीटीपी से जुड़ने के लिए दबाव बना रहा था।
मौसी के पिता, मौलवी मोहम्मद अनवर, हनुमानगढ़ के नोहर मदरसे में पढ़ाते हैं और परिवार लंबे समय से वहीं रह रहा है। दोनों भाई हाल ही में बाड़मेर लौटे थे और फिर सांचौर और पीपाड़ मदरसे में वापस चले गए थे।
एटीएस ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखी है और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है।
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