भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत एक महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास की शुरुआत की है, जो 30 अक्टूबर से 11 नवंबर तक राजस्थान के जैसलमेर में चल रहा है। यह अभ्यास भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच एकीकृत संचालन का प्रदर्शन करेगा, जिसमें तीनों सेनाएं एक साथ दुश्मन के ठिकानों पर हमले की क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी।
अभ्यास के अंतिम चरण में, 11 नवंबर को ‘अखंड प्रहार’ नामक एक प्रमुख मिशन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आतंकवादी ठिकानों और दुश्मन की अग्रिम चौकियों पर संयुक्त हमले की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को प्रदर्शित करना है, विशेष रूप से रेगिस्तानी इलाकों में।
इस अभ्यास में थल सेना के टैंक रेजिमेंट, वायुसेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और नौसेना के कमांडो शामिल होंगे। यह पहली बार है जब तीनों सेनाओं के विशेष बल एक साथ इतने बड़े पैमाने पर अभ्यास कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान, वास्तविक समय के डेटा के आधार पर निर्णय लेने के लिए एक संयुक्त ऑपरेशन रूम का भी उपयोग किया जाएगा।
‘ऑपरेशन त्रिशूल’ का एक प्रमुख लक्ष्य यह साबित करना है कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति में दुश्मन के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम है। अभ्यास में लाइव फायरिंग और मल्टी-डायरेक्शनल अटैक की रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा, जिससे यह दिखाया जा सकेगा कि भारतीय सेनाएं एकीकृत रूप से काम करने में सक्षम हैं।
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