बूंदी महोत्सव के तीसरे दिन, ऐतिहासिक नगरी बूंदी में लोक संस्कृति और खेल की जीवंतता देखने को मिली। कुम्भा स्टेडियम में देशभर के कलाकारों ने अपनी लोक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर ‘पंच गौरव: एक जिला, एक खेल’ अभियान के तहत कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें युवाओं ने अपनी खेल भावना का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध लोकगीत ‘केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देस’ से हुई, जिसे गौतम परमार ने प्रस्तुत किया। इस दौरान वेस्ट जोन कल्चर सेंटर के कलाकारों ने गुजरात, नासिक और पोरबंदर की लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया। नासिक के गिरधर गावित एंड पार्टी का ‘सोंगी मुखौटे नृत्य’ दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बना रहा।
कबड्डी प्रतियोगिता में, जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के निर्देशन में आयोजित ‘पंच गौरव: एक जिला, एक खेल – कबड्डी’ ने खेल के रंगों से महोत्सव को भर दिया। इस प्रतियोगिता में सात बालिका टीमों ने भाग लिया, जिसमें खेल संकुल टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया।
समापन समारोह में जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा मुख्य अतिथि रहीं, जिन्होंने विजेता टीमों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में विभिन्न खेल संघों के अध्यक्ष और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। इस महोत्सव ने न केवल कला और संस्कृति को बल्कि खेल और योग को भी एक मंच पर लाकर, युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा दिया।
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