**मामले का खुलासा**
राजस्थान के जयपुर में एक बुजुर्ग महिला की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। महिला की लाश उनके घर में पाई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।
**सीसीटीवी फुटेज से पहचान**
पुलिस ने हत्या के दिन का एक सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किया, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। महिला की बेटी, राजेश कंवर, ने उस व्यक्ति को पहचान लिया, जो अजीत नामक एक युवक था। राजेश ने बताया कि अजीत के हाथ में एक गुलाबी कपड़ा था, जो उसकी मां की लुगड़ी थी, और दूसरे हाथ में एक हरा बैग था।
**आरोपी का संबंध**
जांच के दौरान यह भी पता चला कि अजीत की नानी का घर मृतका के घर के पास है, और राजेश ने अजीत को ट्यूशन भी पढ़ाया था। इसके बाद पुलिस ने अजीत और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया।
**कोर्ट में सुनवाई**
इस मामले की सुनवाई छह साल तक चली, जिसमें 30 गवाहों के बयान लिए गए। अजीत ने अपने बचाव में कहा कि वह लुगड़ी अपनी नानी के लिए लाया था, लेकिन कोर्ट ने उसकी दलील को स्वीकार नहीं किया।
**सजा का ऐलान**
कोर्ट ने अजीत और उसके साथी सुरेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अजीत के खिलाफ पहले से ही हत्या और चोरी के 11 मामले दर्ज थे, जबकि सुरेश के खिलाफ 27 मामले थे। रईस और दीपक को भी दोषी ठहराया गया है।
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