कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने बुधवार रात को बीकानेर के नापासर गांव में एक फैक्ट्री पर छापेमारी की, जहां से लगभग 1.5 लाख लीटर इंडस्ट्रियल ऑयल बरामद किया गया। इस कार्रवाई के दौरान एक पलंग के नीचे 15 लाख रुपये नकद भी मिले।
मंत्री मीणा ने नापासर में बड़े पैमाने पर नकली बायो डीजल के भंडारण की सूचना मिलने के बाद इस छापेमारी का निर्णय लिया। उन्होंने पहले संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा को अधिकारियों की एक टीम भेजने का निर्देश दिया। फैक्ट्री में बड़े कंटेनरों में इंडस्ट्रियल ऑयल भरा हुआ था, जिसे विभिन्न शहरों जैसे लुधियाना और दिल्ली भेजा जाता था।
छापेमारी के दौरान मिले ई-वे बिलों से पता चला कि यह ऑयल सूरत से लुधियाना और दिल्ली जैसे स्थानों पर सप्लाई किया जा रहा था। फैक्ट्री के मालिक केशव विजय ने बताया कि उनका व्यवसाय इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए केमिकल बनाने का है, जो भुजिया फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होता है।
मंत्री मीणा ने कहा कि उन्हें रास्ते में एक ट्रक में डीजल भरते हुए कई वाहनों को देखा, जिसके बाद उन्होंने जांच शुरू की। इस दौरान एक ड्राइवर ने बताया कि वह हर हफ्ते नापासर थाने को 15 हजार रुपये देता है, जिससे उसे कोई रोकता नहीं है।
फैक्ट्री के संचालन के तरीके के बारे में जानकारी मिली कि सूरत से ऑयल 45 रुपये प्रति लीटर में खरीदा जाता है और इसे 72 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाता है।
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