राजस्थान के टोंक जिले में दो भाइयों की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना रविवार सुबह लगभग 6 बजे हुई, जब रामनारायण (35) और हरलाल (26) खेत की ओर जा रहे थे। रास्ते में बिजली के टूटे तारों के संपर्क में आने से उन्हें करंट लगा, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह हादसा पीपलू थाना क्षेत्र के बलखंडिया गांव में हुआ।
हादसे के बाद, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दोनों शवों को घटनास्थल पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा, आश्रितों को संविदा पर नौकरी और अन्य मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत की। अंततः प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई, जिसके तहत बिजली निगम ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की सहायता देने का आश्वासन दिया।
पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे सुबह 7 बजे मौके पर पहुंचे। पीपलू SDM गणराज बड़गोती और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी वहां जाकर स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली निगम की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
इस घटना से संबंधित जानकारी के अनुसार, 2023 में राजस्थान में करंट से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 1,749 तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में करंट लगने से होने वाली दुर्घटनाओं में 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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