झुंझुनूं जिले में एक फर्जी डॉक्टर को भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला खेतड़ी क्षेत्र का है, जहां आरोपी अवधेश पांडे को 9 नवंबर को PCPNDT (प्री कॉन्सेप्शन प्री नेटल डायग्नोस्टिक तकनीक) की टीम ने पकड़ा। इस आरोपी ने 2003 से इस अवैध व्यवसाय में संलग्न होने की बात स्वीकार की है और दावा किया कि वह इस दौरान लगभग 1 करोड़ रुपये कमा चुका है।
पुलिस के अनुसार, PCPNDT की टीम को सूचना मिली थी कि झुंझुनूं में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाली एक टीम सक्रिय है। इसके बाद, नारनौल PCPNDT टीम ने एक गर्भवती महिला को डमी ग्राहक बनाकर जाल बिछाया। आरोपी ने महिला से 30,000 रुपये लेकर गर्भ में लड़की होने की जानकारी दी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
अवधेश पांडे ने 1987 में राजस्थान में बागवानी का काम शुरू किया और धीरे-धीरे वह चिकित्सा क्षेत्र में शामिल हो गया। 1995 में उसने अपनी निजी लैब खोली, जहां वह खुद को ‘डॉक्टर’ बताकर अवैध रूप से सोनोग्राफी करने लगा। आरोपी ने नेपाल से एक पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन मंगाई थी, जिसका उपयोग वह विभिन्न स्थानों पर करता था।
अवधेश ने बताया कि वह हर भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 50,000 रुपये लेता था। यदि गर्भ में लड़की होती, तो वह 30,000 रुपये लेता। वह बार-बार नाम बदलकर अपने अवैध काम को जारी रखता था और उसके नेटवर्क में कई दलाल शामिल हैं, जो अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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