**कबड्डी का जुनून**
जोधपुर के आंगन ब्लाइंड स्कूल के छात्र बिरदा राम जाट, जो केवल 25 प्रतिशत दृष्टि रखते हैं, ने हाल ही में राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में अपनी टीम को जीत दिलाई। उन्होंने उदयपुर की टीम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। 16 वर्षीय बिरदा राम का कहना है कि यह जीत केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है जो खुद को कमजोर समझते हैं।
**पारिवारिक चुनौतियाँ**
बिरदा राम की दृष्टि की समस्या के कारण उन्हें बचपन से ही तानों का सामना करना पड़ा। उनके परिवार की स्थिति भी कठिन रही है; उनकी मां केवल 10 प्रतिशत देख पाती हैं और उनके पिता का एक हाथ एक दुर्घटना में कट गया है। इसके बावजूद, बिरदा राम ने कभी हार नहीं मानी।
**शिक्षा और समर्थन**
छठी कक्षा तक नागौर में पढ़ाई करने के बाद, बिरदा राम ने जोधपुर के ब्लाइंड स्कूल में दाखिला लिया। वहां उनके शिक्षक सुजीत ने उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। स्कूल ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्टता हासिल करने का मौका दिया।
**खेल में सफलता**
बिरदा राम ने जिला स्तर पर सिल्वर मेडल, राज्य स्तर पर तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीते हैं, और राष्ट्रीय स्तर पर भी मेडल हासिल किए हैं। अब उनका सपना है कि वे पैरा ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करें।
**प्रेरणा का संदेश**
बिरदा राम का मानना है कि अगर हम ठान लें, तो किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि मेरी जीत से ऐसे सभी लोग प्रेरित हों, जो खुद को कमजोर समझते हैं।”
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