अजमेर में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) द्वारा उत्पीड़न और प्रोत्साहन राशि का भुगतान न होने का आरोप लगाया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीएलओ ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है, जिससे कुछ महिलाएं आत्महत्या के विचार तक पहुंच गई हैं। भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में, उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
सोशल वर्कर निक्की जैन ने कहा कि बीएलओ द्वारा कार्यकर्ताओं को इतना दबाव बनाया जा रहा है कि उन्हें अपने व्यक्तिगत काम करने का भी समय नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दे रहे हैं और झूठे आरोप लगाने की चेतावनी दे रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल एक कार्यकर्ता ने बताया कि उन्हें अपने घर के छोटे-मोटे काम करने से भी रोका जा रहा है, और कार्य के लिए आवाज उठाने पर बहाने बनाए जाते हैं। इस स्थिति के कारण कई महिलाएं मानसिक तनाव में हैं और आत्महत्या के विचारों से जूझ रही हैं।
साथ ही, कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें SIR में ड्यूटी पर लगाया गया है, लेकिन प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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