अजमेर जिले के पीसांगन थाना पुलिस ने एक अनाथ लड़की, सुमित्रा रैदास, की शादी के लिए मायरा भरा। इस मौके पर पुलिसकर्मियों ने सुमित्रा को 51,751 रुपए नकद और 20,000 रुपए की ज्वेलरी भेंट की, जिससे वह भावुक हो गई। सुमित्रा के माता-पिता की मृत्यु उसके बचपन में ही हो गई थी, जब वह केवल तीन साल की थी।
सुमित्रा का पालन-पोषण उसकी नानी और मामा ने किया, जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए भी उसकी परवरिश की। सुमित्रा का विवाह 13 नवंबर को अजमेर निवासी अभिषेक के साथ होने वाला है। पीसांगन के ब्यावर रोड स्थित नई धाम के महंत श्याम बोहरा ने पुलिस को सुमित्रा के बारे में जानकारी दी थी।
पुलिस टीम ने राजस्थानी परंपरा के अनुसार मायरे की रस्म निभाई, जिसमें सुमित्रा को नकद राशि और ज्वेलरी भेंट की गई। सुमित्रा के मामा, बीरम जाटोलिया, ने बताया कि उनकी भतीजी ने बचपन में बहुत दुख झेले हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस ने जो मायरा भरा, उससे हमारी बच्ची बहुत खुश थी।”
पगारा गांव के प्रशासक रामदेव गुर्जर ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और इसे गरीब परिवारों के लिए सहायता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।”
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