PM Modi ने भारतीय पादरी जॉर्ज जैकब कूवाकाड को रोमन कैथोलिक चर्च का कार्डिनल बनाए जाने पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने इसे भारत के लिए एक खुशी और गर्व का पल बताया।
कूवाकाड को कार्डिनल का पद
समारोह का आयोजन:
शनिवार को वेटिकन के सेंट पीटर बेसिलिका में एक भव्य समारोह में पोप फ्रांसिस ने 51 वर्षीय कूवाकाड को कार्डिनल पद पर पदोन्नत किया।
भारतीय कार्डिनल्स की संख्या:
कूवाकाड की नियुक्ति के बाद वेटिकन में भारतीय कार्डिनल्स की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
पद ग्रहण की प्रक्रिया:
समारोह में कार्डिनल्स को औपचारिक टोपी, अंगूठी और प्रमाण पत्र सौंपा गया।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान:
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“यह भारत के लिए बहुत खुशी और गर्व की बात है! माननीय जॉर्ज जैकब कूवाकाड को पोप फ्रांसिस द्वारा रोमन कैथोलिक चर्च का कार्डिनल बनाए जाने पर मुझे बहुत खुशी है।”
उन्होंने कूवाकाड के मानवता के प्रति समर्पण को सराहा।
कौन हैं जॉर्ज जैकब कूवाकाड?
जन्म:
11 अगस्त 1973 को तिरुवनंतपुरम, केरल में।
पादरी नियुक्ति:
24 जुलाई 2004 को पादरी के रूप में सेवा शुरू की।
कूटनीतिक प्रशिक्षण:
प्रतिष्ठित पोंटिफिकल इकलेसियास्टिकल एकेडमी से कूटनीतिक सेवा का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वैश्विक अनुभव:
अल्जीरिया, दक्षिण कोरिया, ईरान, कोस्टा रिका और वेनेजुएला जैसे देशों में चर्च के कूटनीतिक कार्यों में अहम भूमिका निभाई।
वर्तमान भूमिका:
2020 से वेटिकन के सचिवालय में पोप की वैश्विक यात्राओं के आयोजन में कार्यरत।
भारत सरकार की भागीदारी:
प्रतिनिधिमंडल:
समारोह में भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।
पोप से मुलाकात:
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने समारोह से पहले पोप फ्रांसिस से भेंट की।
महत्व:
कूवाकाड की नियुक्ति न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता को भी दर्शाती है। उनकी सेवाएं विश्व स्तर पर भारतीय समुदाय की पहचान और योगदान को उजागर करती हैं।