India Canada की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नताली ड्रुइन ने पुष्टि की है कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़ी जानकारी अमेरिकी मीडिया को लीक की गई थी। बीते साल सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर हुई इस हत्या ने भारत-कनाडा के रिश्तों में तल्खी ला दी थी, जब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस मामले में भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। ट्रूडो के इस बयान के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता ही गया है।
मामला कैसे तूल पकड़ा?
निज्जर हत्याकांड के बाद कनाडा की सरकार ने अमेरिका के जरिए अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भारत ने उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया है। नताली ड्रुइन ने संसद की सार्वजनिक सुरक्षा समिति में बयान दिया कि उन्हें अमेरिकी मीडिया को जानकारी साझा करने के लिए प्रधानमंत्री की अनुमति की आवश्यकता नहीं थी, बशर्ते जानकारी गोपनीय न हो। उन्होंने कहा कि लीक की गई जानकारी सार्वजनिक थी और इसका उद्देश्य अमेरिका को कनाडा का पक्ष स्पष्ट करना था।
भारतीय एजेंटों पर लगाए गए आरोप और राजनयिक निष्कासन
कनाडा में हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारतीय एजेंट गैंगस्टरों के साथ मिलकर वहां की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके जवाब में भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक खिंचाव आ गया, और यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ता दिख रहा है।
कनाडा की जनता को जानकारी न देना एक बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में एक हैरानी की बात यह है कि कनाडा सरकार ने यह जानकारी अपनी जनता से छुपाई। अमेरिकी मीडिया को जानकारी लीक की गई, लेकिन कनाडा के नागरिकों को इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया।
कनाडा की सफाई: कोई गोपनीय जानकारी लीक नहीं की गई
जब इस विषय पर सवाल उठे तो कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नताली ड्रुइन ने सफाई दी कि उन्होंने सिर्फ वो जानकारी साझा की जो कनाडा की संसद के विपक्षी नेताओं के पास भी थी। उनका कहना है कि जो कुछ भी अमेरिकी मीडिया को दिया गया वह गोपनीय नहीं था और उसका उद्देश्य सिर्फ अमेरिका को कनाडा का रुख स्पष्ट करना था।
यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है, जहां दो महत्वपूर्ण देशों के बीच बढ़ते तनाव के साथ-साथ गोपनीयता और संप्रभुता जैसे सवाल भी खड़े हो रहे हैं।