Ajmer की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार सुबह हुई एक अप्रत्याशित घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस को सतर्क कर दिया। जेल परिसर में सफाई के दौरान एक ड्रोन मिला, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
घटना का विवरण
- ड्रोन जेल के पिछले हिस्से में लावारिस हालत में पड़ा मिला, जहां आमतौर पर किसी का मूवमेंट नहीं होता।
- सफाई कर्मचारियों ने ड्रोन देखकर तुरंत जेल प्रशासन को सूचित किया।
- जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि ड्रोन को सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
जांच की स्थिति
- ड्रोन को लेकर पुलिस एक्सपर्ट्स ने जांच शुरू कर दी है।
- इसके साथ ही ड्रोन में लगे मेमोरी कार्ड और अन्य तकनीकी उपकरणों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
- अजमेर रेंज डीआईजी ओमप्रकाश मेघवाल व्यक्तिगत रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।
संभावित कारणों की जांच
पुलिस प्रशासन कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है:
- जेल की रेकी: क्या ड्रोन का इस्तेमाल जेल परिसर की निगरानी के लिए किया जा रहा था?
- संदिग्ध गतिविधि: ड्रोन के जरिये जेल के अंदर संदिग्ध वस्तु पहुंचाने का प्रयास तो नहीं हुआ?
- आसपास की गतिविधियां: कहीं ड्रोन शादी समारोह या किसी अन्य आयोजन के लिए इस्तेमाल किया गया हो और बैटरी खत्म होने पर जेल परिसर में गिर गया हो?
अगले कदम
- ड्रोन की कंपनी और मॉडल की जानकारी जुटाई जा रही है।
- संभावित रेकी या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों की जांच जारी है।
निष्कर्ष
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में ड्रोन मिलने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करती है। पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहे हैं।