Christmas, ईसाई धर्म का सबसे बड़ा पर्व, हर साल 25 दिसंबर को प्रभु यीशु के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव के रूप में भी दुनियाभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत से लेकर दुनिया के हर कोने में क्रिसमस का उत्साह देखने को मिलता है। चर्चों की साज-सज्जा, प्रार्थना सभाएं, और प्रभु यीशु के जन्म की झांकियां इस त्योहार के प्रमुख आकर्षण हैं।
प्रभु यीशु का जन्म और चरनी की सजावट
क्रिसमस की सबसे प्रमुख परंपरा है प्रभु यीशु के बाल रूप को दर्शाने वाली “चरनी” की सजावट। यह झांकी मरियम और यूसुफ के साथ बाल यीशु को गोशाला में दिखाती है। दिल्ली, गोवा, केरल, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सुंदर झांकियां सजाई गईं। ये झांकियां न केवल ईसाई समुदाय बल्कि अन्य धर्मों के लोगों को भी आकर्षित करती हैं।
गोवा में, आवर लेडी ऑफ द इमैकुलेट कॉन्सेप्शन चर्च को सितारों और रोशनी से सजाया गया। पादरी ने प्रतीकात्मक रूप से नन्हे यीशु को झांकी में स्थापित किया, और इसे देखने बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसी तरह, त्रिपुरा के मरियम नगर कैथोलिक चर्च को क्रिसमस क्रिब्स और लाइटिंग से सजाया गया।
चर्च में विशेष प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठान
देशभर के गिरजाघरों में मध्य रात्रि की सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। दिल्ली के सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल और राजस्थान के अजमेर के सेंट एंसलम चर्च में भक्तों ने मोमबत्तियां जलाकर विशेष प्रार्थना की। हिमाचल प्रदेश के बर्फीले मौसम में मंडी और मनाली के चर्चों में श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के जन्म का उत्सव मनाया।
भारत में क्रिसमस का उल्लास
भारत में, विभिन्न राज्यों में क्रिसमस की धूम देखने को मिली।
केरल: एर्नाकुलम के सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी कैथेड्रल को सितारों और रंगीन लाइट्स से सजाया गया। यहां चर्च में हुए कार्यक्रमों ने लोगों को अभिभूत कर दिया।
हिमाचल प्रदेश: बर्फबारी के बीच, मनाली के मॉल रोड पर सैंटा क्लॉज के साथ डांस और संगीत का नजारा बेहद खूबसूरत था।
मुंबई: यहां के गिरजाघरों में भव्य सजावट और प्रार्थनाओं ने क्रिसमस की खुशी को दोगुना कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिसमस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाएं प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने भारतीय कैथोलिक बिशप सम्मेलन के क्रिसमस समारोह में भाग लिया, जहां उन्होंने ईसा मसीह के संदेशों पर जोर दिया।
क्रिसमस की वैश्विक छवि
दुनियाभर में क्रिसमस का जश्न अद्वितीय है। यूरोप और अमेरिका में क्रिसमस मार्केट्स, सड़कों पर सजावट, और सैंटा क्लॉज की झलकियां उत्सव का मुख्य हिस्सा हैं। चर्चों में घंटियों की आवाज और कैरोल्स (भजन) की गूंज हर किसी के दिल को छू लेती है।
क्रिसमस का संदेश और महत्व
क्रिसमस केवल यीशु मसीह के जन्म का उत्सव नहीं है; यह प्यार, दया, और मानवता का पर्व है। यह दिन सभी को साथ आने, खुशियां बांटने और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देता है।
क्रिसमस का उत्सव हर व्यक्ति के दिल में शांति और आनंद का अनुभव कराता है। इस पर्व की खूबसूरती इसकी भव्यता और सादगी दोनों में छिपी है, जो सभी को समान रूप से आकर्षित करती है।