Ajmer News – पुष्कर मेले में आयोजित कैलाश खेर का सांस्कृतिक कार्यक्रम गुरुवार शाम अव्यवस्थाओं के चलते हंगामे का शिकार हो गया। इस कार्यक्रम में एंट्री के दौरान भारी भीड़ ने अव्यवस्था फैला दी, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने अपने परिवार और चहेतों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के कारण व्यवस्था बिगाड़ दी, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
कैसे फैली अव्यवस्था?
अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग कैलाश खेर को सुनने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर प्रशासन द्वारा वीआईपी पास दिए गए लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही थी, जिससे अन्य दर्शकों में असंतोष फैल गया। जब पुलिस ने अपने करीबी लोगों को वीआईपी पास देकर एंट्री की सुविधा प्रदान की, तो बाकी दर्शकों को नाराजगी हुई और इस कारण पुलिस और लोगों के बीच बहस शुरू हो गई, जो धक्का-मुक्की में बदल गई।
पुलिस पर लगा आरोप
मौके पर मौजूद अलवर गेट थाने के अधिकारी श्यामसिंह चारण और अन्य पुलिसकर्मियों ने अव्यवस्था संभालने के बजाय दर्शकों के साथ धक्का-मुक्की की और कुछ के साथ मारपीट भी की। इसके बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन ने अपने करीबी लोगों को वीआईपी पास प्रदान किए थे, जिसकी वजह से आम दर्शकों में असंतोष बढ़ा।
कार्यक्रम में आई बाधाएं
अव्यवस्थाओं के चलते कार्यक्रम में आनंद लेने आए दर्शकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि एक प्रतिष्ठित कलाकार का कार्यक्रम देखने के लिए दूर-दूर से आए दर्शकों को एंट्री से रोकना और वीआईपी ट्रीटमेंट के चलते ऐसी स्थिति बनाना अस्वीकार्य है। इस घटना के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोगों ने इस अव्यवस्था के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि इस प्रकार के बड़े आयोजनों में उचित प्रबंधन और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है ताकि सभी दर्शकों को समान रूप से कार्यक्रम का आनंद लेने का अवसर मिले।