राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने अपने परीक्षा पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय लिया है, जो केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के प्रश्न-पत्र के प्रारूप पर आधारित होगा। यह जानकारी हाल ही में एक बैठक में दी गई, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
नई व्यवस्था के अनुसार, सत्र 2026-27 से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी, जिसमें सभी छात्रों का शामिल होना अनिवार्य होगा। इसका परिणाम अप्रैल में घोषित किया जाएगा। दूसरी परीक्षा मई में आयोजित की जाएगी, जिसमें फेल, सप्लीमेंट्री और अनुपस्थित छात्रों को शामिल होने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव के तहत, प्रश्न पत्र में केस बेस्ड, स्रोत आधारित और चित्र आधारित प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा, बहुविकल्पीय और अन्य छोटे प्रश्नों की संख्या को कम किया जाएगा। छात्रों को 4 या 5 अंकों के प्रश्नों में आंतरिक विकल्प भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
राजस्थान बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की है। सभी छात्रों को अब 850 रुपये का शुल्क देना होगा, जो पहले 600 रुपये (रेगुलर) और 650 रुपये (प्राइवेट) था। प्रायोगिक परीक्षा का शुल्क भी दोगुना कर दिया गया है।
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