राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के मुख्य सचिव सुधांश पंत के अचानक दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने को लेकर चिंता व्यक्त की है। गहलोत ने कहा कि यह जानकारी अचानक सामने आई और उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यह स्थिति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की न हो जाए।
गहलोत ने उदयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार विपक्ष की चिंताओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना विपक्ष को शामिल किए शासन कर रही है और प्रचार-प्रसार में अत्यधिक धन खर्च कर रही है।
वंदे मातरम् के कार्यक्रम को लेकर भी गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् का कांग्रेस से गहरा संबंध है और इसे भाजपा द्वारा राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली में हाल ही में हुए बम विस्फोट पर गहलोत ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की गहराई तक जांच होनी चाहिए। उन्होंने राजस्थान में बढ़ते हादसों की संख्या पर भी चिंता व्यक्त की और सरकार से मॉनिटरिंग समितियों के गठन की मांग की।
गहलोत ने अवैध कॉलोनियों के मुद्दे पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जब प्लॉट काटे जा रहे थे, तब संबंधित एजेंसियां क्यों चुप रहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्रवाई में पारदर्शिता होनी चाहिए और गरीबों को नुकसान नहीं होना चाहिए।
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