अलवर के कफनवाड़ा गांव के निवासी अजीत चौधरी, जो रूस में MBBS की पढ़ाई कर रहा था, की हाल ही में मौत हो गई। अजीत का शव 6 नवंबर को एक बांध में मिला, जबकि वह 19 अक्टूबर से लापता था। उसके परिवार ने बताया कि अजीत की मां और बहन उसकी याद में पूरी रात रोती रहती हैं और घर में पिछले 22 दिनों से खाना नहीं बना है।
अजीत चौधरी, जो बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में तीसरे वर्ष का छात्र था, के लापता होने के बाद उसके कपड़े नदी के किनारे मिले थे, जिससे यह आशंका जताई गई थी कि वह नदी में बह गया होगा। शव की पहचान उसके सहपाठियों ने की। परिजनों का कहना है कि भारतीय दूतावास से उन्हें शव भारत लाने के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं मिल रही है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।
परिवार ने न्यूयॉर्क में स्थित नॉर्थ अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी से मदद मांगी है। भंडारी ने बताया कि वह भारतीय दूतावास और रूस की पुलिस के संपर्क में हैं ताकि अजीत का शव जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में लगभग 6 लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसे कम्युनिटी वेलफेयर फंड से जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
भंडारी ने यह भी बताया कि अगर कोई समस्या आती है तो राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका मदद करेगा। उनका प्राथमिक उद्देश्य अजीत का शव सम्मान के साथ उसके परिवार के पास भेजना है, और इसके बाद अन्य परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
Tags: अलवर, MBBS छात्र, रूस, शव, परिवार, दूतावास
