जयपुर की पॉक्सो कोर्ट-1 ने एक सौतेले पिता को अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई है। जज विकास कुमार खंडेलवाल ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित किया है और पीड़िता की असहाय स्थिति का नाजायज फायदा उठाया।
अदालत ने कहा कि यदि आरोपी को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो ऐसी घटनाएं बढ़ती रहेंगी। जज ने यह भी बताया कि वर्तमान में इस प्रकार की घटनाओं में वृद्धि हो रही है और ऐसे अपराधियों के प्रति सहानुभूति दिखाने से उनके हौसले बढ़ सकते हैं।
हालांकि, अदालत ने यह स्वीकार किया कि एफएसएल-डीएनए रिपोर्ट में दुष्कर्म की स्पष्ट पुष्टि नहीं है। जज ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच और डीएनए सैंपल घटना के एक महीने बाद लिया गया था, जिससे पुष्टि न होना स्वाभाविक है। फिर भी, पीड़िता के बयान को विश्वसनीय माना गया।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता और उसकी तीन बहनें अपनी मां और सौतेले पिता के साथ किराए के मकान में रह रही थीं। 5 फरवरी 2022 को, जब मां घर पर नहीं थी, सौतेले पिता ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपनी मां को इस घटना की जानकारी दी, लेकिन उसे कोई सहायता नहीं मिली। बाद में, पीड़िता ने अपनी बहनों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया।
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