गुजरात के गांधीनगर में आयोजित एक धर्मसभा में डॉ. वरुण मुनि ने महापुरुषों के गुणगान और नाम स्मरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्य हमारी जिव्हा को पवित्र बनाते हैं और आत्मा में शुभ भावों का संचार करते हैं, जिससे आत्मा भी निर्मल और शुद्ध बनती है।
मुनि ने बताया कि वर्ष 2012 से हर साल अमर मुनि की प्रेरणा से सितंबर महीने में विश्व शांति जप महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष नौ महान महापुरुषों और मुनियों के सम्मान का अवसर भी प्राप्त होगा।
5 अक्टूबर को सरदार पटेल भवन, वसंत नगर में उप प्रवर्तक पंकज मुनि की उपस्थिति में विश्व शांति जप और नौ मुनियों के गुणगान का आयोजन बड़े स्तर पर किया जाएगा। इस कार्यक्रम में श्रमण संघ के पहले पट्टधर आचार्य आत्माराम का भी स्मरण किया जाएगा, जिन्हें एक ज्ञान-ज्योति संपन्न महापुरुष माना जाता है।
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