थाईलैंड की राजधानी Bangkok में आए भूकंप के झटकों से एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत धराशायी हो गई। यह इमारत थाईलैंड के राज्य लेखा परीक्षा कार्यालय (SAO) की थी, जिसे चीन समर्थित एक फर्म बना रही थी। इस फर्म के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है।
इस बीच, चार चीनी नागरिकों को पुलिस ने इमारत स्थल से हिरासत में लिया, जिनके पास से 32 संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि ये लोग गिरि हुई इमारत से अवैध रूप से दस्तावेज हटाने की कोशिश कर रहे थे।
भूकंप के बाद अफरा-तफरी, संदिग्धों की गिरफ्तारी
शुक्रवार को बैंकॉक में तेज भूकंप आया, जिससे निर्माणाधीन ऊंची इमारत गिर गई। इसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और किसी को भी बिना अनुमति प्रवेश की इजाजत नहीं थी।
लेकिन इसी दौरान चार चीनी नागरिक इमारत में प्रवेश कर गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और उन्हें इमारत के पिछले हिस्से से संदिग्ध फाइलें निकालते हुए पकड़ा।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ब्यूरो के डिप्टी कमिश्नर, मेजर जनरल नोपासिन पूलस्वात ने बताया कि इन चीनी नागरिकों के पास से 32 फाइलें बरामद की गईं।
एक संदिग्ध व्यक्ति ने खुद को परियोजना प्रबंधक बताया और उसके पास वैध वर्क परमिट भी था। लेकिन अन्य तीनों व्यक्तियों के पास कोई स्पष्ट अनुमति नहीं थी।
आरोपों पर सफाई, फिर भी केस दर्ज
गिरफ्तार किए गए तीनों अन्य चीनी नागरिकों ने बताया कि वे इटालियन-थाई डेवलपमेंट पीएलसी (ITD) के तहत एक ठेकेदार के लिए काम करते थे और बीमा दावों के लिए जरूरी दस्तावेज लेने आए थे।
हालांकि, पुलिस ने उन्हें अस्थायी रूप से रिहा कर दिया लेकिन बाद में इमारत में अवैध रूप से प्रवेश और दस्तावेज चुराने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई।
अब पुलिस इन पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
चीन से जुड़ा है इमारत का निर्माण
यह 33 मंजिला इमारत थाईलैंड के राज्य लेखा परीक्षा कार्यालय (SAO) के लिए बन रही थी।
इस प्रोजेक्ट पर 2 अरब से अधिक बहत (करीब 45 मिलियन पाउंड) का खर्च किया जा रहा था।
निर्माण के लिए इटालियन-थाई डेवलपमेंट पीएलसी (ITD) और चाइना रेलवे नंबर 10 (थाईलैंड) लिमिटेड के बीच अनुबंध हुआ था।
चाइना रेलवे नंबर 10 चीन के बड़े इंजीनियरिंग ग्रुप की सहायक कंपनी है और इस प्रोजेक्ट में 49% हिस्सेदारी रखती है।
जांच जारी, आगे की कार्रवाई पर नजर
बैंकॉक के गवर्नर ने इमारत गिरने वाले क्षेत्र को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया है।
इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
अब यह देखना होगा कि इन चीनी नागरिकों पर क्या कार्रवाई होती है और इमारत गिरने के पीछे कोई और गड़बड़ी थी या नहीं।