राजस्थान न्यूज़ इस महीने पहले आएगा वेतन जानिए क्या है वजह राजस्थान की भजनलाल सरकार ने इस महीने सरकारी कर्मचारियों को 30 अक्तूबर को वेतन देने का फैसला किया है। सामान्यत: वेतन महीने की अंतिम तिथि पर दिया जाता है, लेकिन इस बार एक दिन पहले यानी 30 अक्तूबर को वेतन जारी होगा। हालांकि, इस फैसले पर कर्मचारियों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल है, क्योंकि धनतेरस 28 अक्तूबर को है, और वेतन इससे बाद में मिल रहा है।
धनतेरस पर खरीदारी की पारंपरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब धनतेरस पहले ही निकल जाएगी, तो कर्मचारी अपने वेतन से त्योहार की खरीदारी कैसे करेंगे? राजस्थान में धनतेरस पर सोना, चांदी, वाहन, और अन्य चीजों की खरीदारी की परंपरा है, जिसे सरकारी कर्मचारी भी बड़े पैमाने पर निभाते हैं। इस कारण, कुछ कर्मचारियों को यह चिंता सता रही है कि वे अपने वेतन का उपयोग इस पारंपरिक त्योहार के लिए नहीं कर पाएंगे।
पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश ने किया कर्मचारियों के लिए विशेष निर्णय
राजस्थान के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश ने इस मामले में कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए एक अलग निर्णय लिया है। वहां की सरकार ने अपने कर्मचारियों को 28 अक्तूबर को ही वेतन देने का फैसला किया है, ताकि वे धनतेरस पर खरीदारी कर सकें। इससे मध्यप्रदेश के कर्मचारियों में उत्साह है, जबकि राजस्थान के सरकारी कर्मचारी इस फैसले से थोड़ा निराश नजर आ रहे हैं।
बोनस और डीए (महंगाई भत्ता) को लेकर भी बड़ी खबर

भजनलाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बोनस के आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं, लेकिन इसमें भी एक पेच है। कर्मचारियों को बोनस की पूरी राशि नकद में नहीं मिली है। केवल 75 प्रतिशत राशि ही नकद दी गई है, जबकि शेष 25 प्रतिशत उनके जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) खाते में जमा कर दी गई है। इससे कुछ कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें पूरी राशि हाथ में मिलेगी।
इसके अलावा, डीए (महंगाई भत्ता) बढ़ोतरी को लेकर भी जल्द आदेश जारी हो सकते हैं। सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 53 प्रतिशत किए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डीए की यह बढ़ोतरी नकद मिलेगी या इस राशि को भी जीपीएफ में जमा किया जाएगा।
कर्मचारियों की उम्मीदें और चिंताएं
सरकारी कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी जरूरतों और त्योहारों के महत्व को ध्यान में रखते हुए सही समय पर वेतन जारी करे, ताकि वे अपनी पारंपरिक खरीदारी कर सकें और त्योहारों का आनंद ले सकें। इसके साथ ही, बोनस और डीए की पूरी राशि नकद मिलने की भी आशा है, ताकि त्योहारों के समय वे अधिक खर्च कर सकें और अपने परिवारों के साथ उत्साहपूर्वक त्योहार मना सकें।
सरकार ने इस फैसले से वाहवाही तो बटोरी है, लेकिन साथ ही कर्मचारियों के बीच कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।