चीन का बड़ा कदम |चीन ने बुधवार को अपने अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने के मिशन के लिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को सफलतापूर्वक भेजा, जिसमें देश की पहली महिला अंतरिक्ष इंजीनियर भी शामिल हैं। ‘शेनझोऊ-19’ नामक इस अंतरिक्ष यान को चीन के उत्तरपश्चिम में स्थित जियुक्वान अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र से लॉन्च किया गया।
ऐतिहासिक प्रक्षेपण
‘शेनझोऊ-19’ को तड़के सुबह ‘लॉन्ग मार्च-2एफ’ रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। प्रक्षेपण के 10 मिनट बाद यह यान रॉकेट से अलग होकर अपने निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया। चीन मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी (सीएमएसए) के अनुसार, यह मिशन पूरी तरह से कामयाब रहा और चालक दल के सदस्य सुरक्षित और अच्छी स्थिति में हैं।
अंतरिक्ष में चीन की मजबूती
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से बाहर किए जाने के बाद चीन ने अपने स्वयं के अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण किया। यह फिलहाल विश्व का एकमात्र सक्रिय अंतरिक्ष स्टेशन है जो किसी एक देश के अधीन है। चीन ने हाल ही में चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने और अंतरिक्ष अनुसंधान की योजनाओं की घोषणा की है, जिससे वह वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने के करीब पहुंच रहा है।
अंतरिक्ष अभियानों में विस्तार
‘शेनझोऊ-19’ के चालक दल में मिशन कमांडर काई शुझे, अंतरिक्ष यात्री सॉन्ग लिंगडोंग और वांग होज शामिल हैं। वांग होज चीन की पहली महिला अंतरिक्ष इंजीनियर हैं और अंतरिक्ष में जाने वाली तीसरी चीनी महिला भी हैं। इन अंतरिक्ष यात्रियों का उद्देश्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रयोगों का संचालन और नए उपकरणों की स्थापना करना है। उनका मिशन अंतरिक्ष विज्ञान, जैविकी, अंतरिक्ष चिकित्सा, और नई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों पर अनुसंधान को लेकर है।
चीन का अंतरराष्ट्रीय सहयोग
सीएमएसए के प्रवक्ता लिन शिकियांग ने बताया कि चीन ने विभिन्न देशों के साथ मिलकर अंतरिक्ष यात्रियों के चयन और प्रशिक्षण पर बातचीत शुरू की है। इसके अतिरिक्त, चीन ने अपने अंतरिक्ष स्टेशन में भागीदार बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को आमंत्रित भी किया है। चीन के करीबी सहयोगी पाकिस्तान का एक अंतरिक्ष यात्री भी भविष्य में इस अंतरिक्ष स्टेशन पर जा सकता है।
चीन की अंतरिक्ष उपलब्धियां
चीन ने पहले भी कई ऐतिहासिक अंतरिक्ष अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जैसे कि चंद्रमा के सुदूर हिस्से से नमूने लाना और मंगल की सतह पर रोवर उतारना। यह नवीनतम मिशन ‘शेनझोऊ-19’ चीन की अंतरिक्ष शक्ति को और अधिक सुदृढ़ करेगा और उसे वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में ले जाएगा।
चीन के इस साहसिक कदम ने न केवल उसकी तकनीकी उन्नति को दिखाया है, बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में उसका आत्मनिर्भरता का प्रयास भी उजागर किया है।