अजमेर में पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो महिलाओं के फिंगरप्रिंट लेकर धोखाधड़ी कर रहा था। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो प्रधानमंत्री योजनाओं और जिओ सिम के प्रचार के नाम पर महिलाओं को निशाना बना रहे थे।
गैंग के सदस्यों का लक्ष्य प्रतिदिन 12 से 13 महिलाओं को ठगना था। आरोपियों ने फिंगरप्रिंट के आधार पर महिलाओं के नाम से फर्जी सिम और बैंक खाते खोले, जिन्हें बाद में साइबर ठगों को बेचा जाता था। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने नागौर में भी ठगी की घटनाएं की हैं और अब तक एक हजार से अधिक महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रकाश ओझा, राजकुमार वैष्णव, बजरंग नायक, राजू जाट, नरेश माली और नंदकिशोर मेघवंशी शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से 13 5G सिम, 5 पेन कार्ड, 13 आधार कार्ड और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिलाओं को झांसा देकर उनके फिंगरप्रिंट लिए और इसके बाद उनके नाम पर फर्जी सिम और बैंक खाते खोले। इसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री योजनाओं के तहत पैसे मिलने का प्रलोभन दिया गया था।
इस मामले की जांच कर रहे प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों ने महिलाओं को विश्वास में लेकर उनके खातों में नकद राशि भी ट्रांसफर की, ताकि उन्हें शक न हो।
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